हिट & रन केस क्या है?

हिट & रन केस
अभी हाल ही में भारतीय संसद में एक नया कानून पारित हुआ जिसके अंतर्गत गलत ड्राइविंग या लापरवाही के चलते किसी व्यक्ति की दुर्घटना हो जाती हैं।  और ड्राइवर बिना किसी पुलिस को सूचना दिए मौके से भाग जाता हैं, इस स्थिति में ड्राइवर को हिट &रन केस के अनुसार 10 साल की सजा और 7 लाख तक  का जुर्माना हो सकता है।
  

हिट & रन मामले पर बवाल क्यो
 पहले हिट & रन केस आईपीसी के अंतर्गत आता था। जिसमे दुर्घटना होने पर चालक को 2 साल की सजा और जुर्माना का प्रावधान  था।
जबकि भारतीय न्याय सहिता में सजा को बड़ाकर 10साल और जुर्माना का प्रावधान कर दिया है।

सेक्शन 104 भारतीय न्याय सहीता मे जिक्र
नए बने कानून हिट & रन केस को सेक्शन 104 में शामिल किया गया है।
सेक्शन 104A के अनुसार गलत तरीके से ड्राइविंग या लापरवाही के चलते किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो ड्राइवर को 7 साल की जेल और जुर्माना भी लगेगा।

सेक्शन 104B के अनुसार दुर्घटना हो जाती है और ड्राइवर बिना किसी पुलिस को सूचना दिए मौके से भाग जाता है,तो ड्राइवर को 10 साल की जेल और जुर्माना लगेगा।


मोटर वाहन अधिनियम
मोटर वाहन अधिनियम 1988 भी हिट&रन केस से संबंधित है। इस कानून में धारा 161, 134A, 134B हिट &रन केस से संबंधित है।
धारा161 में हिट & रन के पीड़ितो को मुहावजो का प्रावधान है। मृत्यु हो जाने पर 25000₹ जबकि गंभीर स्थिति के लिए 12500₹ है।

134A के अनुसार दुर्घटना करने वाले ड्राईवर को पीढ़ित व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।
134B के अनुसार ड्राइवर को दुर्घटना की जानकारी पुलिस को देना आवश्यक है। नही तो ड्राइवर को जेल होगी।

हिट & रन केस से बचने के उपाय
•कभी भी शराब पीकर गाड़ी न चलाए।
•सड़क पर हमेशा सावधानी से चले।
•यातायात के नियमो का पालन करें।
•यदि आप को सड़क पर किसी दुर्घटना होने के बारे जानकारी है,तो तुरन्त पुलिस को सूचना दे।

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